जिन लोगों को आप बहुत बड़ा समझते हैं,और जिनका नाम बहुत बड़ा है असल में वह कभी बड़े नही होते.क्योंकि वह बड़ी बड़ी बातें करते है पर उस का आत्मसात नही करते ,बल्कि जिन लोगों हम शायद छोटा समझते हैं .
असल में वही ग्यानी और विनम्र निकलते है .
विचार भिन्नता हो, पर विचार शून्यता कभी ना हो.
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